भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी प्रखर मानवीय मूल्यों व समरस चेतना के संवाहक

आजादी के अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर मुकुलारण्यम् महाविद्यालय, सम्बद्ध महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी पर “सामाजिक समरसता व पं. अटल बिहारी बाजपेयी ” विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में महाविद्यालय परिवार के निदेशक प्रो. शम्भू उपाध्याय जी एवं महाविद्यालय परिवार के प्रबंधक श्री अजय तिवारी जी मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम का वैचारिक प्रवर्तन करते हुए श्री अजय तिवारी जी ने कहा कि भारत खंड- खंड में विखंडित इसलिए हुआ क्योंकि हम अपनी सांस्कृतिक संपन्नता को विस्मृत करते गए। विदेशी…

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‘मैनावती देवी राष्ट्रीय लोकगायिका सम्मान 2021’ से सम्मानित होंगी संजोली पांडेय

‘मैनावती देवी राष्ट्रीय लोकगायिका सम्मान 2021’ से सम्मानित होंगी लखनऊ की संजोली पांडेय। सांसद एवं प्रख्यात फिल्म अभिनेता रवि किशन जी की उपस्थिति में हुई पुरस्कार की घोषणा। ‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ दिल्ली द्वारा आयोजित हुआ वर्चुअल कार्यक्रम। साहित्य, कला, संगीत से जुड़े व्यक्तियों ने अर्पित किया श्रद्धा-सुमन। मैनावती देवी ‘मैना’ के सुपुत्र, उत्तर-प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के सदस्य और लोकगायक श्री राकेश श्रीवास्तव जी ने ‘मैनावती देवी राष्ट्रीय लोकगायिका सम्मान’ की योजना की उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। मैनावती देवी ‘मैना’ जी लोकगीतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध…

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लघुकथा संग्रह ‘सलाम दिल्ली’ के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण

  वरिष्ठ साहित्यकार अशोक लव रचित लघुकथा संग्रह ‘सलाम दिल्ली’ के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण लेख्य मंजूषा’ पटना द्वारा आयोजित एक भव्य गोष्ठी में प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के प्रांगण के खुले वातावरण में दिनांक 12 सितंबर 2021 को एक उमस भरी दोपहर में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में ‘लेख्य मंजूषा’ के स्थानीय सदस्यों के अलावा पंजाब और राजस्थान से आए सदस्यों ने भी भाग लिया। ‘सलाम दिल्ली’ स्मृतिशेष रवि प्रभाकर जी की प्रिय लघुकथाओं में से एक थी। वे इस लघुकथा से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने कहा था कि…

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साहित्य-सेवक मार्कण्डेय शारदेय को मिला ‘महाकवि प्रभात सम्मान’

महाकवि केदार नाथ मिश्र ‘प्रभात’ हिन्दी साहित्य के अनमोल रत्न थे। उनका ‘कर्ण’ खंड-काव्य भारतीय साहित्य का सबसे ‘अनमोल गहना’ है। उनकी रचनाएं काव्य-कौशल पाठकों को केवल अंदर तक प्रभावित करता है, बल्कि मुग्ध भी करता है ठीक उसी प्रकार की रचना करतें है पंडित मार्कण्डेय शारदेय । यह बातें सोमवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित केदारनाथ मिश्र प्रभात जयंती समारोह सह साहित्यकार पंडित मार्कण्डेय शारदेय की तीन पुस्तकें दीपशलभ, तत्त्वचिन्तन एवं वाग्मिनी का लोकार्पण के दौरान सम्मेलन के अध्यक्ष अनिल सुलभ ने कहीं। श्री शारदेय को 5100…

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‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ के अध्यक्ष सम्मानित

हिन्दी दिवस के अवसर पर ‘सर्व भाषा ट्रस्ट के अध्यक्ष और वरिष्ठ साहित्यकार श्री अशोक लव जी को ‘उषा राज साहित्य अकादमी, झाबुआ’ द्वारा ‘साहित्य साधक सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश के आठ साहित्यकारों को दिया गया। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली वनवासी अंचल झाबुआ की ‘उषा राज साहित्य अकादमी’ ने हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर देश के आठ साहित्यकारों को ‘साहित्य साधक सम्मान’ दिया। जिसमें ‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ के अध्यक्ष श्री अशोक लव, झाबुआ की सुश्री लता देवल, राजेश डामोर जी, डॉ अनिल श्रीवास्तव…

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‘तत्त्वचिन्तन’ का लोकार्पण एवं बृहद चर्चा

यह एक पुस्तक नहीं, एक शोध है। इस पुस्तक में पूरी शास्त्रीयता के साथ लेखक ने अपने विषयों को प्रस्तुत किया है। इस पुस्तक के लेखों में विश्लेषण की गुंजाइश नहीं, केवल स्वीकृति है। इन लेखों को पाठ्यक्रमों में रखने से आज की चेतना के लिए बहुत बड़ा पथ-प्रदर्शन हो जायेगा। मुझे पुस्तक की तत्समता ने बहुत प्रभावित किया। इतिहास ने बहुत प्रभावित किया। इस पुस्तक का एक लेख – ‘गंगा-सागर मिलन’ पढ़कर उसकी काव्यात्मकता के कारन मुझे पंत याद आ गए। इस पुस्तक में रोचकता है। वह रोचकता कहने…

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शिक्षक दिवस पर 176 शिक्षकों का सम्मान

शिक्षक इतिहास गढ़ता है, भविष्य तैयार करता है और वर्तमान की सुदृढ़ बनता है। – उक्त बातें सर्व भाषा ट्रस्ट द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के समारोह में विद्वानों ने कही। जहाँ प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी शिक्षक दिवस के अवसर पर सर्वभाषा ट्रस्ट द्वारा भारत वर्ष से शिक्षकों को सम्मानित किया गया। बताते चलें कि कोरोना कल की विसंगतियों के चलते वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज के इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्वभाषा ट्रस्ट के अध्यक्ष व शिक्षाविद श्री अशोक लव ने किया और कार्यक्रम का…

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पठनीयता की नजर में हरिराम द्विवेदी

हरिराम द्विवेदी भोजपुरी कविता का एक सुपरिचित नाम है। 12 मार्च 1936 को जन्मे 85 पार के द्विवेदी जी भोजपुरी साहित्य-जगत में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। तीन दशकों तक वे आकाशवाणी की प्रसारण-सेवा से जुड़े रहे। उनकी लोकप्रियता का प्रमाण कुछ इस रूप में है कि लोग उनको ‘हरि भैया’ कहते हैं। सहज स्नेहिल व्यक्तित्व के धनी हरि भैया अपने गीतों से जनमन को मोह लेते हैं। कहना चाहूँगा कि उनके गीतों में यह यह ‘मोह’ कई बार आया है। बल्कि यह भी कहना चाहूँगा कि ‘मोह’ शीर्षक…

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‘अश्रुतपूर्व’ वेबसाइट का लोकार्पण

‘अश्रुतपूर्व’ शब्द का अर्थ होता है ‘जो पहले नहीं सुना गे हो’। www.ashrutpurva.com नाम की इस वेबसाइट को दो कवयित्रियों, डॉ सांत्वना श्रीकांत और सुश्री लिली मित्रा जी ने शुरू किया है। यह एक लिटरेरी ई पत्रिका है। गत 5 अगस्त को इस वेबसाइट का लोकार्पण कार्यक्रम था। कार्यक्रम छतरपुर के फार्म हाउसेज़ के बीच एकांत में बने एक शानदार होटल ऑक्यूपलेंट में इसका विमोचन हुआ। इस मौक़े पर श्री शम्भुनाथ शुक्ल, साहित्यकार राज कुमार गौतम, राजगोपाल सिंह वर्मा, राज शेखर वशिष्ठ, चंद्रिका चंद्र, अनीता पांडेय व हिंदी तथा बघेली…

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‘हिमांतर’ पत्रिका के ‘यात्रा विशेषांक’ का लोकार्पण

दिनांक 1 अगस्त 2021, “हिमांतर” पत्रिका के “यात्रा विशेषांक” अंक का लोकार्पण बेहद शानदार रहा । यात्राएं मनुष्य को चैतन्य करती हैं। उम्मीद है भविष्य में यह विशेषांक पहाड़ की आवाज को दूर तक नए कलेवर में पहुंचाएगा । दिन प्रतिदिन इस अंक में गुणवत्ता के साथ सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। साहित्य परिचर्चा मे मझे हुए साहित्यकारों से रूबरू होना एक आत्मिक सुख है । लेखक स्वयं में एक चलती फिरती किताब होते हैं अतः अनमोल पलों को संजो लेना चाहिए। वरिष्ठ साहित्यकार एवम् डा० योगम्बर सिंह बर्तवाल, सचिव…

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